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साहित्य

देश के विकास के लिए का़नून का राज ज़रूरी

देश के विकास के लिए का़नून का राज ज़रूरी डॉ. मोहम्मद मंजूर आलम (लेखक आल इंडिया मिल्ली काउंसिल के महासचिव हैं) आमना सामना मिडिया 09 अप्रैल 2022: सरकार का गठन, राष्ट्र निर्माण और लोकतंत्र की स्थापना का मूल मक़सद होता है, लोगों को…
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इस्लामोफ़ोबिया के ख़िलाफ़ दिन का मूर्खतापूर्ण विरोध

इस्लामोफ़ोबिया के ख़िलाफ़ दिन का मूर्खतापूर्ण विरोध डॉ. सलीम ख़ान संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली में ‘विश्व प्रसन्नता दिवस’ से पाँच दिन पूर्व 15 मार्च को पूरी दुनिया में इस्लामोफ़ोबिया के ख़िलाफ़ एक दिन मनाने का सुखद फ़ैसला किया गया।…
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तू हाए गुल पुकार मैं चिल्लाऊँ हाए दिल’ हालिया इलेक्शन के नतीजे जम्हूरियत की रूह के ख़िलाफ़ हैं

तू हाए गुल पुकार मैं चिल्लाऊँ हाए दिल’ हालिया इलेक्शन के नतीजे जम्हूरियत की रूह के ख़िलाफ़ हैं लेखक : कलीमुल हफ़ीज़ डॉक्टर की एक ग़लती इंसान को मौत के मुँह में धखेल देती है, जज की एक ग़लती फाँसी के तख़्ते पर पहुँचा देती है लेकिन वोटरों की…
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हक आ गया और बातिल मिट गया, बातिल को तो मिटना ही था

हक आ गया और बातिल मिट गया, बातिल को तो मिटना ही था अफ्गानिस्तान में अमरीका हार चुका इतिहास की सबसे लंबी जंग लेखक : डाक्टर सलीम खान,मुंबई इक्कीसवीं सदी की एक ख़ुसूसीयत ये है कि उसने सवा दो सौ साल बाद अमरीका का राष्ट्रीय दिन बदल दिया।…
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हराम को छोड़ने का नतीजा !

हराम को छोड़ने का नतीजा ! दमिश्क के अदीब शेख अली टंटावी ने अपनी याददाश्त मैं लिखा है के : "दमिश्क में एक बहुत बड़ी मस्जिद है जो 'मस्जिद जामेअ तौबा' के नाम से मशहूर है, उस मस्जिद का नाम मस्जिदे तौबा रखने की वजह यह है के वहां पहले…
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जन्मदिन उस नेता का जिसे भड़काऊ भाईजान और भाजपा का एजेंट कहते हैं

जन्मदिन उस नेता का जिसे भड़काऊ भाईजान और भाजपा का एजेंट कहते हैं तीखे बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं असदुद्दीन ओवैसी (शिब्ली रामपुरी) कुछ साल पहले तक एक पार्टी जिसकी पहचान सिर्फ हैदराबाद तक ही सीमित थी. अब वो पार्टी एक नेता जो…
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इंसानियत का परचम बुलंद रखने वालों को हमेशा याद रखना

इंसानियत का परचम बुलंद रखने वालों को हमेशा याद रखना (शिब्ली रामपुरी) कोरोना के दौर में आपने ऐसी बहुत खबरें देखी होंगी पढ़ी होंगी और सुनी होंगी जिनमें किसी के कोरोना संक्रमित होने पर उसका परिवार उससे किनारा कर गया या फिर किसी की…
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कोरोना की सूनामी: प्रधानमंत्री की ऑक्सीजन और गृहमंत्री का शुक्रिया

कोरोना की सूनामी: प्रधानमंत्री की ऑक्सीजन और गृहमंत्री का शुक्रिया डाक्टर सलीम खान ऑक्सीजन की कमी से जब कौम का दम घुटने लगा बल्कि साँसें उखड़ने लगीं तो प्रधानमंत्री को अपने पीएम केयर फंड का खयाल आया। इस माले मुफ्त पर दिले बेरहम ने 551…
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लोकतंत्र की मज़बूती है स्वतंत्र पत्रकारिता

लोकतंत्र की मज़बूती है स्वतंत्र पत्रकारिता (शिब्ली रामपुरी) हाल ही में मीडिया पर कानूनी शिकंजा कसने के कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिससे साफ पता चलता है कि सत्ता में बैठे या फिर कुछ दबंग किस्म के लोग मीडिया की आवाज को किसी ना किसी तरह से…
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या-रब न वो समझे हैं न समझेंगे मरी बात

या-रब न वो समझे हैं न समझेंगे मरी बात डाक्टर सलीम खान यौम जम्हूरिया की किसान परेड के खिलाफ बड़ी उम्मीदों से अमित शाह ने सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर दस्तक दी लेकिन उसे ये कह कर धुतकार दिया गया कि नजम व नस्क का मामला इंतिजामिया का है अदलिया…
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