अपनी ही हरकतों से अपमानित हुए वसीम रिज़वी

अपनी ही हरकतों से अपमानित हुए वसीम रिज़वी

(शिब्ली रामपुरी)

कभी-कभी शोहरत की भूख इंसान को अपमानित कर देती है और उसे कहीं का नहीं छोड़ती.इसकी ताजा मिसाल शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी है. वसीम रिजवी यूं तो अनेकों बार विवादित बयान दे चुके हैं जिसके कारण कई बार विवाद भी हुआ हंगामा भी हुआ लोगों ने उनका खूब विरोध किया. लेकिन इस बार वसीम रिजवी ने जो हरकत की थी वह इतनी घटिया हरकत थी कि उसकी निंदा उनके समाज से लेकर पूरे मुसलमानों ने की और वसीम रिजवी की हरकत किस कदर घटिया रही कि उनके भाई -मां ने भी रिज़वी से अपना नाता तोड़ लिया और उनके भाई ने तो वीडियो जारी करके यहां तक कहा कि हमारा वसीम रिजवी जैसे घटिया आदमी से कोई रिश्ता नहीं है.रिज़वी के भाई ने वीडियो में यहां तक कहा था कि वसीम रिजवी आए दिन घटिया से घटिया हरकतें करते रहते हैं और ऐसा करके वह खुद को सुर्खियों में रखने की कोशिश करते हैं और इस बार तो उन्होंने तमाम हदें पार कर दी हैं मैं मेरे भाई और हमारी मां का वसीम रिजवी से कोई भी संबंध नहीं है. दूसरी और देश के मुसलमानों में वसीम रिजवी के खिलाफ लगातार नाराजगी बढ़ती रही और यहां तक कहा गया कि वसीम रिजवी को हम अपने कब्रिस्तान में दफन होने तक नहीं देंगे क्योंकि वसीम रिजवी ने जो हरकत की है वह पूरी तरह से बेहद ही घटिया है. दरअसल वसीम रिजवी ने कुरान की 26 आयतों पर ऐतराज जताया था और इसी को लेकर वह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए. लेकिन कहते हैं कि इंसान जब कोई गलत कार्य करता है तो उसका फल उसको जरूर मिलता है.वसीम रिजवी ने सोचा होगा कि ऐसा करके वह कुछ लोगों की आंखों का तारा बन जाएंगे और शोहरत के मामले में वह बुलंदी तक पहुंच जाएंगे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ उल्टे वसीम रिजवी से जहां उनके परिवार वालों ने ही किनारा कर लिया वहीं सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को सिर्फ ख़ारिज ही नहीं किया बल्कि वसीम रिजवी पर पचास हज़ार का जुर्माना भी लगाया. सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करके एक काबिले तारीफ संदेश दिया और यह ऐसे लोगों पर फटकार है कि जो किसी ना किसी तरह से किसी भी धर्म के मानने वाले लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाकर अपनी घटिया सियासत या कुछ और मतलब साधते हैं. अब वसीम रिजवी जैसे लोगों को सोचना चाहिए कि नफरत की बुनियाद पर कभी भी कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है.वसीम रिजवी ने तमाम हदें पार करते हुए इस बार ऐसा मुद्दा छेड़ दिया कि जो इंसानियत के बिलकुल खिलाफ है और कोई भी धर्म ऐसे घटिया काम करने की इजाजत नहीं देता है. वसीम रिजवी मुसलमानों में शिया समाज से ताल्लुक रखते हैं और यहां यह बात भी काबिले गौर है कि शिया समाज ने आगे आकर न सिर्फ वसीम रिजवी की निंदा की बल्कि यह तक कहा कि इस वसीम रिजवी को अपने कब्रिस्तान में जगह तक नहीं देंगे क्योंकि वसीम रिजवी ने इंसानियत को शर्मसार करने का काम किया है उनकी टिप्पणी और जो याचिका उन्होंने लगाई है वह पूरी तरह से बेबुनियाद है. आखिरकार वही हुआ वसीम रिजवी के साथ जो रिजवी जैसे लोगों के साथ हमेशा से होता आया है वसीम रिजवी को जहां परिवार ने दरकिनार कर दिया वहीं अदालत में भी उनको मुंह की खानी पड़ी और 50000 रूपये का जुर्माना तक उन पर लगाया गया.

Comments are closed.