जन्मदिवस- क़ाज़ी से कैसे बन गए थे मशहूर कॉमेडियन मुकरी

जन्मदिवस-
क़ाज़ी से कैसे बन गए थे मशहूर कॉमेडियन मुकरी

मुकरी को मिला वह मक़ाम जो दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन को भी नहीं हुआ नसीब

(शिब्ली रामपुरी)

तय्यब अली जान का दुश्मन हाय हाय और मूछें हो तो नत्थू लाल जैसी यह गीत और यह डायलॉग आपके जेहन में आते ही एक चेहरा उभरता है छोटा सा क़द मगर जिसके पर्दे पर आते ही आपके चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती थी और आज भी उन फिल्मों को देखें तो आप मुस्कुराए बिना नहीं रहेंगे.
यह शख्स से मशहूर कॉमेडियन मुकरी. जिनका पूरा नाम मोहम्मद उमर मुकरी था और उनका जन्म 5 जनवरी 1922 को रायगढ़ महाराष्ट्र में हुआ था. अभिनय सम्राट दिलीप कुमार और मुकरी बचपन में एक ही स्कूल में पढ़ा करते थे. मुकरी को पहचान तो दिलीप कुमार के बाद मिली मगर फिल्मों में मुकरी दिलीप कुमार से पहले आए थे. वह के आसिफ के साथ काम करते थे. आसिफ उस वक्त एक फिल्म फूल बना रहे थे. फिल्मों में आने से पहले मुकरी एक पेशेवर क़ाज़ी थे और वह एक मदरसे में बच्चों को तालीम दिया करते थे.क्योंकि मदरसे में मामूली तनख्वाह मिलती थी तो उससे घर परिवार का गुजारा करना बेहद कठिन था यही वजह थी कि मुकरी का रुझान फिल्मों की तरफ हुआ. दिलीप कुमार के साथ मुकरी काफी फिल्मों में आए और दिलीप कुमार के साथ प्रतिमा फिल्म में उन्हें पहली बार एक साथ काम करने का मौका मिला.यह फिल्म 1944 में रिलीज हुई थी. मुकरी इतने बड़े कलाकार थे कि कई ऐसी फिल्में हैं कि यदि उनमें से मुकरी का किरदार हटा दिया जाए तो उन फिल्मों में शायद उतना दम ख़म नहीं रहेगा.

मुकरी ने हिंदी फिल्मों में 600 से ज्यादा फिल्में करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया जो आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है अगर महिलाओं की बात करें तो यह रिकॉर्ड ललिता पवार के नाम है. जिन्होंने 700 से ज्यादा फिल्में की थी. दिलीप कुमार ने अपनी आत्मकथा में जिन दोस्तों का जिक्र किया है उनमें एक मुकरी का नाम भी शामिल है. मुकरी जहां फिल्मों में बेहतरीन कॉमेडियन थे असल जिंदगी में भी वह बहुत ही नेकदिल और धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान थे और उनके पास किस्से कहानियों का एक बहुत बड़ा जखीरा था.जब भी कोई उनसे मिलता था तो वह बड़ी बेबाकी के साथ किस्से और कहानियां सुनाया करते थे. कई पत्रकारों को भी उन्होंने यह किस्से और कहानियां सुनाई. जिनका जिक्र इन पत्रकारों ने अपने लेखन में भी किया. मुकरी 4 सितंबर 2000 को हार्टअटैक और किडनी फेल होने के चलते इस दुनिया को अलविदा कह गए लेकिन फिल्मों में निभाए उनके दमदार किरदार हमें हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे.

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