कल्याण मामले पर जब बोले थे रशीद मसूद दोबारा उनको माफ नहीं किया जा सकता

*कल्याण मामले पर जब बोले थे रशीद मसूद दोबारा उनको माफ नहीं किया जा सकता*

*(शिब्ली रामपुरी)*
काजी रशीद मसूद हमारे बीच नहीं रहे.वह काबिले तारीफ लीडर थे और बहुत ही अच्छे नेताओं में उनका शुमार हुआ करता था. जनपद सहारनपुर ही नहीं बल्कि काजी रशीद मसूद की ख्याति दूर-दूर तक थी. कई नेताओं ने उनसे सियासत के गुर सीखे और वह सियासत में कामयाब रहे. इसमें कई नेता सहारनपुर के भी है तो कुछ नेता बाहर के भी हैं जो आज काफी बेहतर तरह से सियासत कर रहे हैं और सियासत के अच्छे लीडरों में उनका शुमार भी होता है. जनपद सहारनपुर में युवा नेता इमरान मसूद काजी रशीद मसूद के भतीजे हैं और इमरान मसूद का शुमार भी जनाधार वाले नेताओं में होता है. राजनीति के गुर भी इमरान मसूद ने अपने चाचा काजी रशीद मसूद से ही सीखे.

*क़ाज़ी रशीद ने जब दिए थे बेबाकी से जवाब*

साल 2011 की बात है जब क़ाज़ी रशीद मसूद का मुंबई से प्रकाशित एक मशहूर पत्रिका के लिए इंटरव्यू किया था. उस वक्त की सियासत में चल रहा था कि काजी रशीद मसूद क्या समाजवादी पार्टी को अलविदा कहेंगे? उसी दौरान कुछ सवालों को लेकर काजी रशीद मसूद से इंटरव्यू किया गया तो हर सवाल का उन्होंने बड़ी ही बेबाकी से जवाब दिया था. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जब सपा में आए और उसके बाद वह सपा से फिर किनारा कर गए थे. तब क़ाज़ी रशीद मसूद से इसी संबंध में सवाल पूछा गया था तो काजी रशीद मसूद ने बड़ी बेबाकी से कहा था कि गलती इंसान से एक बार होती है. कल्याण सिंह से भी यही हुआ है अगर वह अब दोबारा सपा में आते हैं तो उनको बिल्कुल भी माफ नहीं किया जा सकता है. काबिले गौर है कि कल्याण सिंह को माफ किए जाने को लेकर काजी रशीद मसूद द्वारा एक बयान दिया गया था जो काफी चर्चा में रहा था. इंटरव्यू में एक सवाल उस वक्त सपा के कद्दावर नेताओं में शुमार आजम खान के बारे में भी पूछा गया था इस सवाल का जवाब भी काजी रशीद मसूद ने बहुत ही बेहतर अंदाज में दिया था उन्होंने कहा था कि ऐसी कोई बात नहीं है. काजी रशीद मसूद से आजम खान के राजनीतिक क़द को लेकर सवाल किया गया था.

काजी रशीद मसूद के निधन से सियासत से लेकर ग़ैर सियासी लोगों में भी शोक का माहौल है. हर कोई उनके निधन पर इज़हारे अफ़सोस कर रहा है.क़ाज़ी रशीद मसूद के जाने से जो क्षति हुई है.उसकी भरपाई निकट भविष्य में होनी बेहद कठिन है.

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