क्या आप जानते हैं राहत इंदौरी को लोगों ने इतना क्यों याद किया?

क्या आप जानते हैं राहत इंदौरी को लोगों ने इतना क्यों याद किया?

(शिब्ली रामपुरी)
मशहूर शायर डॉक्टर राहत इंदौरी कोई नेता नहीं थे कोई फिल्म अभिनेता भी नहीं थे. राजनीति से उनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था. कुछ फिल्मों में उन्होंने गीत जरूर लिखे लेकिन वह गीत भी ज्यादा सफल नहीं रहे. लेकिन उसके बावजूद भी उनके निधन पर जिस तरह से उनको याद किया गया वैसा बहुत कम लोगों को ही किया जाता है. राहत इंदौरी सिर्फ एक शायर थे और जो कुछ साल पहले ही अपनी शायरी के माध्यम से इतनी बुलंदियों पर पहुंचे थे. लेकिन शायर तो बहुत सारे होते हैं और कई ऐसे शायरों का निधन पहले भी हुआ है.कुछ लोगों ने श्रद्धांजलि दे दी या सोशल मीडिया पर एक दो पोस्ट लिख दी गई लेकिन राहत इंदौरी का मामला काफी अलग रहा. जब उनका निधन हुआ तो भारत में कई बड़ी हस्तियों ने उनके निधन पर इज़हारे अफसोस किया. सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म चाहे वो फेसबुक. इंस्टाग्राम हो या फिर ट्विटर हो हर तरफ डॉ राहत इंदौरी के निधन पर लोग श्रद्धांजलि दे रहे थे और गम का इजहार कर रहे थे. भारत के कई बड़े अखबारों ने तो उनको काफी कवरेज दी और उनकी मशहूर शायरी को भी काफी दिलचस्पी के साथ लिखा और बताया कि उनके कौन-कौन से शेर मशहूर थे. डॉ राहत इंदौरी के निधन के बाद कई मशहूर वीडियो क्लिप भी शेयर की गई जिनमें वह बेबाक अंदाज में शायरी करते हुए दिखाई दिए थे.

अब उसी बात पर आते हैं कि डॉ राहत इंदौरी एक शायर ही तो थे लेकिन उनके निधन के बाद किस तरह से एक तरह से सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने का अभियान सा चला और हर कोई आगे आया.उनके निधन पर सब ने ही गम का इजहार किया. दरअसल इसकी एक बड़ी वजह यह थी जिसने राहत इंदौरी से हर किसी को जोड़ दिया वह यह कि डॉक्टर राहत इंदौरी हमेशा गरीब. मजदूर और सताए हुए लोगों की बात अपनी शायरी के माध्यम से करते थे. वह अपनी शायरी के माध्यम से समानता का संदेश देते थे और हर किसी को एक नजर से देखने और सब के साथ न्याय करने का संदेश भी उनके कलाम में साफ झलकता था. डॉ राहत इंदौरी ऐसे शायर थे कि सरकार की किसी नीति की पसंद ना आने पर मुख़ालफ़त भी ख़ूब अदबी तरीक़े से की. वह लगातार ऐसे ऐसे कलाम लिखते गए और मंचो पर उनको सराहा जाता गया कि जो शायद कोई दूसरा नहीं लिख सकता था और लिख भी देता तो उसमें पढ़ने का उतना हौसला शायद नहीं होता. लेकिन यह डॉक्टर राहत इंदौरी ही थे जिन्होंने बेबाक अंदाज में बेबाक होकर बेखौफ होकर अपने मन की बात से लेकर जनता के मन की बात शायरी के माध्यम से की और लोगों ने उनकी हौसला अफजाई भी खूब की. शायद एक शायर और साहित्यकार को ऐसा ही होना चाहिए.

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