भारत में जल्द सामने आएंगे टिकटॉक से भी बेहतर एप्स–करेंगे टेलेंट प्रदर्शित भारतीय युवा*

  • भारत में जल्द सामने आएंगे टिकटॉक से भी बेहतर एप्स–करेंगे टेलेंट प्रदर्शित भारतीय युवा

    (शिब्ली रामपुरी)

भारत द्वारा चीनी एप्स पर पाबंदी लगाए जाने के बाद से कुछ लोग निराश हैं.इसका मुख्य कारण यह है कि जो लोग इन एप्स विशेष तौर पर टिकटॉक से काफी अच्छे पैसे कमाते थे वह एक तरह से बेरोजगार हो गए हैं. टिकटॉक पर यूं तो सभी लोग पैसा नहीं कमाते और बहुत बड़ी संख्या में लोग मनोरंजन के लिए भी जुड़े हुए थे और मनोरंजन करते थे.लेकिन एक बड़ी संख्या में ऐसे भारतीय युवा भी हैं जो काफी पैसा टिक टॉक के माध्यम से कमा रहे थे और यहां तक कि कई युवाओं ने तो अपनी नौकरी तक छोड़कर टिक टॉक पर वीडियो बनाना आरंभ कर रखा था क्योंकि इससे उनकी बहुत कमाई हो रही थी और इस वजह से उनको अपनी नौकरी भी छोड़ने में कोई बुराई नजर नहीं आई. ऐसे युवा अपनी नौकरी से ज्यादा कमाई टिक टॉक पर वीडियो बनाकर कर रहे थे. जैसे ही भारत ने चीनी एप पर पाबंदी लगाई ऐसे ही इन लोगों को जाहिर है फिक्र सताने लगी है कि भविष्य में क्या होगा. चीनी ऐप पर पाबंदी लगाए जाने का भारत का फैसला पूरी तरह से काबिले तारीफ है क्योंकि चीन द्वारा जिस तरह से नापाक हरकतें की जा रही थी उसके लिए उसे आर्थिक रूप से झटका देना जरूरी था.जो भारत ने किया है और यह एक सराहनीय प्रयास है. जहां तक चीनी ऐप पर पाबंदी लगने के बाद टैलेंटेड युवाओं की बात है तो भारत में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और चीनी ऐप पर पाबंदी लगने के बाद यह उम्मीद भी जाहिर की जा रही है कि अब भारत में भी ऐसे ऐप सामने आएंगे जो टिक टॉक से भी बढ़िया और बेहतर तरह से कार्य करेंगे. जो टेक्नोलॉजी के हिसाब से टिक टॉक से काफी आगे होंगे इतना जरूर है कि इसमें कुछ समय जरूर लग सकता है. हालांकि चीनी एप्स पर पाबंदी लगाए जाने के बाद भारत में कई ऐसे स्वदेशी ऐप सामने आए हैं जो बहुत अच्छे हैं और उन पर आप अपना टैलेंट दिखा सकते हैं और भविष्य में उन ऐप को और ज्यादा शानदार बनाए जाने की दिशा में भी सरकार प्रयास करेगी. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के मुताबिक भारत के पास टैलेंट की कमी नहीं है सरकार की ओर से उन्हें प्रोत्साहन दिया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि चीनी एप्स पर प्रतिबंध भारतीय युवाओं को बड़ा अवसर देता है. रविशंकर प्रसाद के मुताबिक हमारा उद्देश्य भारत को सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाने का है. भारत दुनिया का सॉफ्टवेयर हब बने.चाइनीज़ एप्स पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से यह बात जाहिर हो रही है कि बहुत से युवा परेशान हैं और वह अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं लेकिन उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है. इस मामले में सरकार भी उनके साथ है और जल्दी ही कुछ ऐसे एप्स सामने आएंगे कि जो चीनी ऐप से भी ज्यादा बेहतर और कारगर साबित होंगे और जिस तरह से टिकटॉक पर टैलेंट दिखाकर युवा पैसा कमा रहे थे वह अपना टैलेंट इन भारतीय एप्स पर दिखा कर भी पैसा कमा सकेंगे और काफी बेहतर मौके इस तरफ भारतीय नौजवानों के लिए पैदा होंगे. यदि सभी मिलकर इस तरफ़ प्रयास करेंगे तो वह दिन दूर नहीं कि जब भारत टेक्नोलॉजी के मामले में चाइना के ऐप से भी बहुत ज्यादा बेहतर होगा. वैसे तो चाइना जैसे देश से ज्यादा टैलेंटेड युवाओं की हमारे भारत में कोई कमी नहीं है इसका पता इसी से चलता है कि चाइनीज़ ऐप पर एक बहुत बड़ी संख्या में भारतीय युवा अपना टैलेंट दिखा रहे थे जिससे चाइनीज़ कंपनियों को बहुत ज्यादा फायदा हो रहा था. जहां तक टिक टॉक की बात है तो टिक टॉक पर पाबंदी लगने की मांग तो काफी पहले से हो रही थी क्योंकि यह एप्स ना सिर्फ निजी जीवन में दखलंदाज़ी कर रहा था बल्कि इस एप्स के जरिए अश्लीलता भी फैलाई जा रही थी.इसलिए सरकार ने इस एप्स पर पाबंदी लगा कर बहुत ही अच्छा कार्य किया है जो भविष्य में एक अच्छा कदम साबित होने जा रहा है.

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