पीएम मोदी जैसे कद्दावर नेता के सामने खुद को साबित करने की चुनौती क्या कांग्रेस को सबसे खराब दौर से निकालने में कामयाब रहेंगे राहुल? शिब्ली रामपुरी

पीएम मोदी जैसे कद्दावर नेता के सामने खुद को साबित करने की चुनौती

क्या कांग्रेस को सबसे खराब दौर से निकालने में कामयाब रहेंगे राहुल?

शिब्ली रामपुरी

देश की पॉलिटिक्स में राहुल गांधी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं. लेकिन यह कहना भी किसी तरह से गलत नहीं होगा कि एक समय वह था कि जब राहुल गांधी को कमजोर नेता आदि नामों से पुकारा जाता था. लेकिन राहुल गांधी ने अपनी क़ाबलियत समय-समय पर साबित की और आज वह देश में एक मजबूत नेता के तौर पर उभर कर सामने आए हैं. गुजरात के विधानसभा चुनाव हो या 2019 में लोकसभा चुनाव भले ही कांग्रेस को शिकस्त का सामना करना पड़ा हो लेकिन राहुल गांधी ने जिस तरह से इन चुनावों में मेहनत कर अपनी काबिलियत साबित कि वह वास्तव में उन्हें एक जमीनी नेता के तौर पर सामने लाती है. हालांकि 2014 के बाद से कांग्रेस अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है और अभी वह इससे बाहर निकलने में कामयाब नहीं हो सकी है हालांकि संगठनात्मक तौर पर उसमें काफी बदलाव भी किए गए हैं लेकिन इसके बावजूद भी कांग्रेस का साथ उसका ख़राब दौर नहीं छोड़ पा रहा है.
राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को दिल्ली में हुआ था. आज राहुल गांधी अपना 50 वा जन्मदिन मना रहे हैं.2004 में राहुल गांधी ने पहली बार सक्रिय रूप से राजनीति में कदम रखा था और उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर वह पार्लिमेंट पहुंचे थे. 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को उनकी अमेठी सीट से तो शिकस्त का सामना करना पड़ा था लेकिन वह केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़े थे जहां पर वह चुनाव में कामयाब होकर लोकसभा पहुंचने में सफल रहे.

*करोड़ों के मालिक राहुल गांधी अपनी मां सोनिया के हैं कर्जदार*
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी करोड़ों रुपए की संपत्ति के मालिक हैं लेकिन वह अपनी मां सोनिया गांधी के कर्जदार भी हैं यह बात उन्होंने अपने चुनाव के हलफनामे में बताई थी राहुल गांधी के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके पास कुल 15.88 करोड रुपए की प्रॉपर्टी है लेकिन उन पर अपनी मां सोनिया गांधी से लिया गया पांच लाख rupye का कर्ज भी शामिल है.

*राहुल के सामने वर्तमान और भविष्य की कुछ प्रमुख चुनौतियां*
राहुल गांधी के सामने वैसे तो यह चुनौतियां काफी समय से है लेकिन भविष्य में भी कुछ यही चुनौतियां उनके सामने रहने वाली हैं कि जिन का मुकाबला राहुल को करना है इनमें सबसे बड़ी चुनौती तो कांग्रेस पार्टी को मजबूत करना है क्योंकि कांग्रेस पार्टी की जो हालत है वह किसी से छुपी नहीं है दूसरी जो सबसे बड़ी चुनौती राहुल गांधी के सामने है वह पीएम मोदी जैसे कद्दावर नेता के सामने खुद की काबिलियत को साबित करना है. क्योंकि राहुल गांधी एक ईमानदार और अच्छे और तजुर्बेकार नेता होने के बावजूद भी पीएम मोदी के सामने काफी कमजोर नजर आते हैं. जितना असर पीएम मोदी के बयानों का जनता पर पड़ता है उतना राहुल का नजर नहीं आता. हालांकि राहुल ने जिस तरह से राजनीति में मेहनत कर खुद को साबित किया है उससे वह एक तजुर्बेकार लीडर के तौर पर तो जरूर सामने आए हैं.लेकिन अभी तक वह सियासी तौर पर पीएम मोदी जैसा जनता को अपने पक्ष में करने का प्रभाव राहुल गांधी खुद में नहीं पैदा कर सके हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कुछ राज्यों में कांग्रेस को राहुल की काबिलियत या फिर कहिए मेहनत के बूते कामयाबी जरूर मिली थी लेकिन 2019 में कांग्रेस को किस तरह से शिकस्त का सामना करना पड़ा यह सभी जानते हैं.

*कोरोना महामारी के कारण नहीं मना रहे अपना जन्मदिन*
कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज अपना जन्मदिन नहीं मना रहे हैं कोरोना महामारी को देखते हुए राहुल ने इस साल अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है.

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