लंबे वक्त तक क्वारेंटीन रहे 644 जमातियों को स्पेशल ट्रेन से तमिलनाडु भेजा गया

लंबे वक्त तक क्वारेंटीन रहे 644 जमातियों को स्पेशल ट्रेन से तमिलनाडु भेजा गया
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी के प्रयासों के कारण, उनकी छुट्टी, यात्रा परमिट और ट्रेन की उपलब्धि आसान हुई । जमीयत के कार्यकर्ता ने उन्हें स्टेशन अलविदा किया और ट्रैन में खाने पीने का इंतेज़ाम किया । जमातियों ने मौलाना महमूद मदनी और तमिल नाडु सरकर का शुक्रिया अदा किया।

नई दिल्ली १६ मई: दिल्ली के मरकज में आए जमाती लंबे वक्त तक क्वारेंटीन किए गए थे। अब इन्हें अपने घरों की तरफ वापस भेजा जा रहा है. आज दोपहर पुराणी दिल्ली स्टेशन से दिल्ली और उत्तरप्रदेश के अलग-अलग क्वारेंनटीन सेंटरों के ६४४ जमातियों को एक विशेष ट्रेन के जरिये तमिलनाडु वापस भेजा गया। बता दें कि मरकज़ का मामला सामने आने के बाद 2000 से ज्यादा लोगों को वहां से निकाला गया था जो या तो क़वारन्टीन सेंटरों में थे या फिर अस्पतालों में थे। दिल्ली सरकार ने पिछले हफ्ते सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तबलीगी जमात के सदस्यों को क्वारेंटीन सेंटरों से छोड़ दें. सरकार द्वारा इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी श्री सुनील बेनवाल को जिम्मेदार बनाया गया है। इन 644 में से, 605 व्यक्ति दिल्ली के सेंटर में थे जबकि 12, नूह, 8, सहारनपुर, 10, संभल और 9 बुलंद शहर में थे।
आज पुराणी दिल्ली स्टेशन पर उनकी रवानगी के समय जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सेवक और कार्यकर्ता और जमीयत यूथ क्लब के युवा उनकी सेवा करने के लिए मौजूद थे।
तब्लीग़ी जमात के मेम्बरों ने जमीअत के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी को धन्यवाद दिया जिनके प्रयासों से उनके लिए ईद से पहले घर जाना आसान हो गया। जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा ट्रैन पर सवार सभी रोज़ादारों के लिए लम्बे सफर में इफ्तार, रात का खाना, सेहरी और पानी उपलब्ध कराया गया था। जमीयत यूथ क्लब के युवाओं ने क्रमशः सभी सीटों पर खाद्य सामग्री पहुंचाए। स्टेशन पर सरकारी कर्मचारी की कमी की वजह से युथ क्लब के लड़के सभी सीटों पर खाना पानी पंहुचा रहे थे.

इससे पहले, जमीयत की टीम इन सभी जमातियों की यात्रा परमिट, उनकी सवारी और उन्हें पुरानी दिल्ली ले जाने की व्यवस्था में मदद करती रही। ट्रेन अपने निर्धारित समय से एक घंटे बाद 3:13 बजे रवाना हुई, जो 28 घंटे की यात्रा के बाद चेन्नई के माध्यम से त्रिच्रापाली (त्रिची) पहुंचेगी। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी सचिव जमीअत उलमा- ए- हिन्द ने कहा कि जमीयत उलेमा तमिलनाडु के कार्यकर्ता मौलाना मंसूर काशीफी, मौलाना खतीब अहमद सईद, हाजी हसन चेन्नई, डॉ अमजद, मौलाना अब्दुल हमीद, हाजी निसार अहमद ने इस मामले में हर संभव मदद की है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सेवकों के लिए यह ख़ुशी की बात है कि वे अपने जमाती भाइयों की सेवा कर रहे हैं। मौलाना महमूद मदनी साहब ने सरकार और प्रशासन को इसके लिए धन्यवाद दिया है और इनके सफर की मंगल कामना की है।

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