कच्चे तेल की क़ीमतों में भारी गिरावट, 2003 के बाद सबसे निचले स्तर पर काला सोना!

कच्चे तेल की क़ीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह 2003 के बाद तेल की सबसे कम क़ीमत है।

कोरोना वायरस से दुनिया भर में बदले हालात के कारण गंभीर मंदी पैदा हो जाने की आशंका जताई जा रही है जिसके चलते तेल की डिमांड भी घटी है तो इसकी क़ीमतों में भी भारी गिरावट आई है।

रूस और सऊदी अरब के बीच तेल की क़ीमतों को लेकर जारी तनातनी के कारण पहले ही तेल की क़ीमतों में 30 प्रतिशत तक गिरावट आ चुकी है।

अमरीका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट तेल अप्रैल में की जाने वाली डिलीवरी के लिए 26 डालर प्रति बैरल के रेट से बिक रहा है। यहां तक कहा जा रहा है कि यह क़ीमतें 20 डालर प्रति बैरल तक गिर सकती हैं।

कोरोना वायरस चीन से शुरू हुआ जो तेल का सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है जबकि यह वायरस अब पूरे यूरोप, अमरीका और पश्चिमी एशिया में फैल चुका है। लगभग 2 लाख लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और मरने वालों की संख्या लगभग 8 हज़ार है।

तेल की क़ीमतों में भारी गिरावट से तेल उत्पादक देशों के सामने गंभीर बजट संकट खड़ा हो सकता है।

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