गोवंडी मुम्बई का एक हिस्सा है ।मुम्बई से कुछ 1 घँटे की दूरी पर है। ऐसे तो ग्रीन मुम्बई की कहावत है पर अगर एरिया को खंगालने जाये तो गोवडी सबसे निचले दर्जे पर है जहा का विकास का पता दूर तक दिखाई नही देता है। MLA से लेकर नगर सेवक तक अपनी रोटी सकते रहते है। Report by Hina khan: AAMNA SAMNA MEDIA

गोवंडी मुम्बई का एक हिस्सा है ।मुम्बई से कुछ 1 घँटे कु दूरी पर है। ऐसे तो ग्रीन मुम्बई की कहावत है पर अगर एरिया को खंगालने जाये तो गोवडी सबसे निचले दर्जे पर है जहा का विकास का पता दूर तक दिखाई नही देता है। MLA से लेकर नगर सेवक तक अपनी रोटी सकते रहते है।आजके 3साल पहले MLA ke Fnt se 35 cr फ़ण्ट गोवडी बैगन वाड़ी के विकास के लिये आया पर यह विकास नही हुआ बस थोडा काम दिखा क्र बन्द हो गया नाले का जो पूरा नही हुआ नाले का काम अधूरा हुआ नाला खुला है और हर बार उसमे लोग गिरते रहते है अभी हल ही में यहाँ एक अडमी की लाश मिली थी नाले में गिरी हुई।पर किसी mla या नगर सेवक के कण नही खड़े हुए गोवंडी बैगन वाड़ी के विकास के लिये यु तो बहुत प्रचार करते है की गोवंडी में विकास करते है पर ये सिर्फ ये watshap तक ही सिमित है।यही देखा जाए तो ।वाड क्रमांक 138 की नगर सेवक रुखसाना सिद्दीकी जो समाज वाड़ी पार्टी की नगर सेवक चुनी गयी है आदर्श नगर में पर इनके अभी तक कोई काम नही दिखाई दिया ।सिर्फ watshap पर इनकी फ़ोटो छवि ही नज़र आते आज तक यहां पर दौरे भी नही की इनके वाढ क्रमांक 138 में लोग कितने परेशानी का सामना कररहे है यहां लोग गन्दगी और कचरे के ढेर से परेशान है पर इन्हें क्या करने है ।आज से 1साल पहले हम रहिवासी ने यहां के गन्दगी और रस्ते के अर्चन के लिये जब बात किया तो नाज़िम सिद्दी और रुखसाना सिद्दीकी का कहना था की बहोत जल्द यहां के रोड और कचरे का काम शुरू हो जायगा आप लोग फ़िक्र न करो अभी फ़ण्ट नही हुआ ।पर अभी तक कोई भी विकास नही हुआ यहां पर गन्दगी और रस्ते पर चलना लोगों को दुस्वार हुआ पर समाज वाड़ी पार्टी को कोई फर्क नही पड़ता रास्तों में कीचड़ और गन्दे पानी भरे हुये नज़र आते है बच्चे बड़े उसी गन्दगी में से जाने को मजबूर होते है और कोसते भी रहते की ईनकी सिर्फ बोल बच्चन सुनो काम नही ।हम कहते है की यह के mla और नगर सेवक की ज़िम्मेदारी नही की यहाँ का दौर करे की लोगों को दिक्कतों का कितन सामना करना पड़ता है बैगन वाड़ी की गन्दगी का आखिर कब तक सामना करना पड़ेगा आखिर लोग बीमारियों में कब तक मुबतिला रहेंगे कब तक लोग यहाँ के नाम पर अपनी रोटिया सकते रहेंगे आखिर कब तक।ये समस्सिया यहां सभी रहिवासी की है।जो हर दिन झूझते रहते है।बारिश में रस्ते पर जाने के लिए भी जगह नही होती है ।यह के लोग को रास्ता नही विकास के नाम पर ढोंग करने वाले लोगो को करीब से आकर देखो ।

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